आई आई गर्मी की छुट्टी आई
मायेके जाने की संधि लाई
साल भर बाट जोही बड़ी
अब आई वोह सुहानी घडी
प्राचीन प्रथा थी वोह भली
गर्मियों में मायेके चली
बाबुल की लाडली लली
साल भर निभाया सब कर्तव्यों को
रात दिन दोपहर को
अब पूरा करना है आराम के अरमान को
चलो बच्चो ननिहाल चलो
भाई बहन भुआ सब आजा
करले बचपन की यादे ताज़ा
फिर से मन में उमंगे भर लो नयी
जिम्मेदारिया निभानी है फिर कयी
व्यस्तता अब है और बड़ी
घर के साथ ऑफिस की
जिम्मेदारिया भी जुडी
बच्चो को मिली तो क्या हुआ
मम्मी को नहीं मिलती
अब गर्मी की छुट्टी
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